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Gods Power For Golden Age

 

राजयोग अपनायें जीवन दिव्य बनायें– ब्रह्माकुमारी संतोष दीदी

स्व परिवर्तन से होगा विश्व परिवर्तन

परमात्म शक्ति द्वारा स्वर्णिम युग’  कार्यक्रम का हुआ भव्य उद्घाटन

31 गणमान्य व्यक्तियों ने दीप जगाकर किया उद्घाटन

मोहाली, 6 अक्तूबर:  परमात्मा पिता को भूलने से ही आत्मा शक्तिहीन हो दुःख, अशांति व विकारों का शिकार हुई है  और देवत्व खो बैठी है, अब राजयोग अपनायंे अैार जीवन दिव्य बनायें इससे व्यक्ति अपनी कर्मेंिद्रयो का राजा बन सकता है ।  ये विचार कल सांय यहां ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन फेज़ 7 में  मुम्बई से पधरी ब्रह्माकुमारीज़  के महाराष्ट्रा, आंध््र प्रदेश व तेलंगाना राज्यों की जोनल मुखी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी संतोष दीदी ने ‘परमात्म शक्ति द्वारा स्वर्णिम युग’ की  भव्य लांचिंग के कार्यक्रम की अध्यक्षता करते व्यक्त किये । उन्होने आगे कहा कि आत्मा शांत स्वरूप है उसके वास्तविक स्वरूप में स्थित होने से ही वातावरण, समाज, देश व विश्व में शांति स्थापित हो सकती है । राजयोगिनी दीदी संतोष ने जीवन को सुधरने हेतू मन का मारने की बजाये उसे सुधरने की सलाह दी । उन्होंने आगे कहा कि लोगों की यह शिकायत कि आज की पीढ़ी हमारी बात नहीं मानती क्योंकि हमारी कर्मेंिद्रयों  ही हमारा कहना नहीं मानती इसलिए दूसरों का परिवर्तन से पूर्व  हमें स्व परिवर्तन करना होगा तब ही विश्व परिवर्तन होगा ।

लांचिंग सेरीमनी में मोहाली  के विभिन्न वर्गों के 31 गणमान्य व्यक्तियों जिनमें बस्सी के विधयक श्री गुरप्रीत सिंह, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी संतोष दीदी, बी.के.अमीर चंद,बी.के.योगिनी, ब्रह्माकुमारी प्रेमलता, बीबी परमजीत कौर लांडरां,बी.के..रमा, बी.के.कविता, श्री हरीश घई अतिरिक्त एडवोकेट जनरल हरियाणा, श्री अशोक गुप्ता प्रबंध् निर्देशक डीपलास्ट प्लास्टिक्स लिः, श्री रिशव जैन सीनीयर डिप्टी मेयर, श्री एस.पी.सिंह मेनेजर एयर पोर्ट, पी.जी.आई. के सर्जन डा.मंजुल त्रिपाठी, पूर्व जिला एवे सत्रा न्यायाध्ीश श्री गुरचरन सिंह सरां, श्री एन..एस.कलसी व कई नगर निगम के पार्षदों आदि  शामिल थे, ने भाग लिया ।

पंजाब, हरियाण, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर, उतराखंड व चंडीगढ़ के ब्रह्माकुमारीज़ के निर्देशक बी.के.अमीर चंद ने मुख्य प्रवचन  प्रस्तुत करते कहा कि वर्तमान समय जितने अध्कि साध्न व सुविधएं हैं उतनी अशांति, भय व आतंक बढ़ रहे हैं । पहले झूठ नहीं बोलते थे, किसी को दुःख नहीं देते थे सुख से जीवन व्यतीत करते थे ।  आज  विभिन्न प्रकार के सोफा,चेयर, क्राकरी, डायमंड सैट तो हैं पर मन अपसैट हैं । ईश्वर को भी जरूरत की चीज बना लिया है, उससे शक्ति लेकर कर्म सुधरें वह नहीं रहा । ईश्वर पर विश्वास है पर उसका न पता है न समझ है इसलिए उससे ताकत नहीं ले पा रहे । परिवार का ढांचा चरमरा रहा है, बच्चों से भी बात करने से डरने व घबराने लगे हैं । असल में  आध्यात्म  से दूर होने से मूल्य नहीं रहे हैं । अब मूल्यों को अपनाने की जरूरत है उसके लिए राजयोग सीखें । आध्यात्म   से जुड़ेंगे तो गल्त कर्म नहीं होंगे ।

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में बोलते हुए बस्सी के विधयक श्री गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आज के युवाओं को प्रगति के नाम पर महंगी गाड़ियों व मोबाइलों पर ध्न व समय बर्बाद करने  से बचना चाहिए । केवल भौतिकता अपनाने से वर्तमान समय सहनशक्ति कम हो रही है, नफरत बढ़ रही है, आपस में अनबन के कारण रिश्ते टूट रहे हैं इसलिए ब्रह्माकुमारीज़  जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर घर, समाज, प्रांत व देश का भला करना चाहिए ।